चंद्रमा और राहु का षष्ठ भाव में युति होना आज के दिन को विशेष रूप से प्रभावशाली बनाता है। बृहत् पाराशर होरा शास्त्र के अनुसार षष्ठ भाव में चंद्र की स्थिति शत्रुओं पर विजय दिला सकती है, किंतु मानसिक अशांति और स्वास्थ्य सम्बन्धी छोटी-मोटी परेशानियाँ भी उत्पन्न हो सकती हैं। आज प्रतिस्पर्धात्मक कार्यों में सफलता मिलने की संभावना है।
सूर्य का अष्टम भाव में भ्रमण कन्या राशि के जातकों के लिए गुप्त चिंताएं और अप्रत्याशित बाधाएं ला सकता है। फलदीपिका के अनुसार अष्टम स्थित सूर्य आयु और स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहने का संकेत देता है। इस काल में कोई भी जोखिम भरा निर्णय लेने से बचना श्रेयस्कर होगा।
शनि का सप्तम भाव में गोचर वैवाहिक और साझेदारी के मामलों में तनाव उत्पन्न कर सकता है। सारावली के अनुसार सप्तम में शनि की स्थिति जीवनसाथी के साथ मतभेद या व्यापारिक साझेदारों से विवाद का संकेत दे सकती है। संयम और संवाद से इस स्थिति को संभाला जा सकता है।
केतु का द्वादश भाव में होना आध्यात्मिक झुकाव और एकांत की ओर प्रेरित कर सकता है। लाल किताब के अनुसार बारहवें घर में केतु व्यक्ति को भौतिक विषयों से मुक्ति दिला सकता है, किंतु अनावश्यक खर्च और नींद में बाधा की संभावना भी रहती है। आज ध्यान और योग का अभ्यास लाभकारी सिद्ध हो सकता है।