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Cited · Lahiri · Daily fresh

kanyaकन्या

Virgo · 2026-05-12

आज कन्या राशि के जातकों के लिए दिन मिश्रित फलदायक रह सकता है। शत्रु पक्ष पर विजय की संभावना है, किंतु स्वास्थ्य और वैवाहिक संबंधों में सावधानी आवश्यक है।

चंद्रमा और राहु का षष्ठ भाव में युति होना आज के दिन को विशेष रूप से प्रभावशाली बनाता है। बृहत् पाराशर होरा शास्त्र के अनुसार षष्ठ भाव में चंद्र की स्थिति शत्रुओं पर विजय दिला सकती है, किंतु मानसिक अशांति और स्वास्थ्य सम्बन्धी छोटी-मोटी परेशानियाँ भी उत्पन्न हो सकती हैं। आज प्रतिस्पर्धात्मक कार्यों में सफलता मिलने की संभावना है। सूर्य का अष्टम भाव में भ्रमण कन्या राशि के जातकों के लिए गुप्त चिंताएं और अप्रत्याशित बाधाएं ला सकता है। फलदीपिका के अनुसार अष्टम स्थित सूर्य आयु और स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहने का संकेत देता है। इस काल में कोई भी जोखिम भरा निर्णय लेने से बचना श्रेयस्कर होगा। शनि का सप्तम भाव में गोचर वैवाहिक और साझेदारी के मामलों में तनाव उत्पन्न कर सकता है। सारावली के अनुसार सप्तम में शनि की स्थिति जीवनसाथी के साथ मतभेद या व्यापारिक साझेदारों से विवाद का संकेत दे सकती है। संयम और संवाद से इस स्थिति को संभाला जा सकता है। केतु का द्वादश भाव में होना आध्यात्मिक झुकाव और एकांत की ओर प्रेरित कर सकता है। लाल किताब के अनुसार बारहवें घर में केतु व्यक्ति को भौतिक विषयों से मुक्ति दिला सकता है, किंतु अनावश्यक खर्च और नींद में बाधा की संभावना भी रहती है। आज ध्यान और योग का अभ्यास लाभकारी सिद्ध हो सकता है।

Lucky number
6
Lucky color
हरा
Lucky direction
उत्तर
Auspicious
शत्रु-पक्ष से सम्बन्धित कानूनी या प्रतिस्पर्धात्मक कार्य प्रारम्भ करना, ध्यान और प्राणायाम का अभ्यास करना।
Caution
वैवाहिक जीवन में विवाद, स्वास्थ्य की उपेक्षा, और जोखिम भरे वित्तीय निर्णयों से बचें। गुप्त शत्रुओं के प्रति सतर्क रहें।

What this is based on

  • चंद्रमा और राहु का षष्ठ भाव (कुंभ) में एक साथ गोचर
  • सूर्य का अष्टम भाव (मेष 27.1°) में गोचर
  • शनि का सप्तम भाव (मीन 16.1°) में गोचर
  • केतु का द्वादश भाव (सिंह 11.0°, वक्री) में गोचर
  • राहु का षष्ठ भाव (कुंभ 11.0°, वक्री) में गोचर
Citations & engine provenance
  • षष्ठ भाव में चंद्र की स्थिति शत्रुओं पर विजय दिला सकती है किंतु मानसिक अशांति भी उत्पन्न कर सकती हैबृहत् पाराशर होरा शास्त्र, गोचर फल अध्याय
  • अष्टम स्थित सूर्य आयु और स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहने का संकेत देता हैफलदीपिका, अध्याय 16 (ग्रह गोचर फल)
  • सप्तम में शनि की स्थिति जीवनसाथी और व्यापारिक साझेदारों से विवाद का संकेत दे सकती हैसारावली, अध्याय 37
  • द्वादश भाव में केतु अनावश्यक खर्च और आध्यात्मिक प्रवृत्ति को बढ़ा सकता हैलाल किताब

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